पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन से बचने के लिए ध्यान रखें ये 5 बातें

0
862
पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन

पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन- पीरियड्स के दौरान घंटों एक ही पैड इस्तेमाल करने से अक्सर महिलाओं को रैशेज़ और इंफेक्शन हो जाता है. दरअसल, घंटों एक ही पैड यूज़ करने से प्राइवेट पार्ट पर पसीना आने लगता है और ये सूख नहीं पाता, जिसकी वजह से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और इंफेक्शन हो जाता है. यदि आपको भी पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन की शिकायत रहती है या प्राइवेट पार्ट के आसपास रैशेज़ होते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा.

पैड बदलें

एक ही पैड को कई घंटों तक लगाए रखने की गलती न करें. पहले दो दिन हर 3-4 घंटे में पैड बदल लें. यदि आप बाहर जा रही हैं तो अपने साथ एक्स्ट्रा पैड ले जाएं. बहुत समय तक पैड न बदलने पर प्राइवेट पार्ट पर पसीने की वजह से कीटाणु पनपने लगते हैं जिससे रैशेज़ या पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन हो जाता है. यदि टैम्पोन का इस्तेमाल करती है तो इसे हर दो घंटे में बदल लें.

साफ-सफाई

पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन से बचने के लिए प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का ध्‍यान रखना बहुत ज़रूरी है. हर बार पैड बदलने से पहले प्राइवेट पार्ट को साफ ज़रू करें.

पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन

यह भी पढ़ेंः पीरियड्स के दौरान नैपकिन इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये ज़रूरी बातें

अच्छी क्वालिटी के कॉटन के पैड

पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन से बचने के लिए सस्ते और घटिया पैड की बजाय अच्छी क्वालिटी के कॉटन के पैड इस्तेमाल करें जो ब्‍लीडिंग को पूरी तरह से सोख ले और लम्‍बे समय तक चले. इससे कहीं बाहर रहने पर भी आपको दाग का डर नहीं सताएगा और आप कंफर्टेबल फील करेंगी. भूलकर भी प्‍लास्टिक की परत वाली सेनेटरी नैपकिन का इस्‍तेमाल न करें इससे रैशेज का खतरा बढ़ जाता है.

साबुन न लगाएं

प्राइवेट पार्ट की सफाई ज़रूरी है, लेकिन गलती से भी उस जगह पर साबुन न लगाएं, क्योंकि इससे भी इंफेक्शन हो सकता है. पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन से बचने के लिए आप प्राइवेट पार्ट को गुनगुने पानी से साफ कर सकती हैं.

एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं

ज़्यादा देर तक गीले पैड इस्तेमाल करने से जाघों के साथ रगड़ से रैशज़ हो जाते हैं. यदि रैशेज हो गए हैं तो बार-बार पैड बदलें और नहाने के बाद व सोने से पहले उस जगह पर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं. इसके अलावा जननांगों पर एंटीसेप्टिक पाउडर भी लगा सकती हैं.

पीरियड्स के दौरान शर्म व झिझक की नहीं, बल्कि अपनी सेहत का ख्याल रखने की ज़रूरत हैं.