हर प्रेग्नेंट महिला को ज़रूर कराने चाहिए ये टेस्ट (Every Pregnant Woman Should Do These Tests)

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Every Pregnant Woman Should Do These Tests

अपने घर नन्हें मेहमान के आने की जानकारी मिलते ही ज़ाहिर है आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा होगा और इस खुशी में शायद आप सब कुछ भूल गई होंगी, मगर ध्यान रहे आने वाले नन्हें मेहमान की सुरक्षा के लिए और प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह की कॉम्लिकेशन से बचने के लिए प्रेग्नेंसी की शुरुआत में ही कुछ टेस्ट करवाने ज़रूरी होत है. हर प्रेग्नेंट महिला को कौन-से टेस्ट ज़रूर कराने चाहिएं, आइए, जानते हैं.

सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)

प्रेग्नेंसी पीरियड में सबसे पहले ब्लड टेस्ट यानी सीबीसी होता है. इसके जरिए ही पता चलता है कि आपके खून में हिमोग्लोबिन की मात्रा कितनी है. यदि ये कम है, तो डॉक्टर आपको दवा या फिर डायट के ज़रिए हीमोग्लोबिन बढ़ाने की सलाह देगा, क्योंकि हीमोग्लोबिन कम होने का असर रेड ब्लड सेल्स पर पड़ता है और इसकी वजह से एनीमिया का खतरा रहता है.

प्लेटलेट्स

यह शरीर में ब्लड क्लोट्स बनाने के लिए ज़रूरी है. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर से काफ़ी खून निकलता है, प्लेटलेट्स अधिक खून बहने से रोकता है. यदि शुरुआती जांच में ही प्लेटलेट्स की संख्या कम पाई जाती है, तो डॉक्टर इसका इलाज करते हैं. ऐसा न करने पर डिलीवरी के समय समस्या हो सकती है.

अल्ट्रासाउंड

प्रेग्नेंसी की शुरुआत से लेकर पूरे नौ महीनों के दौरान कई बार अल्ट्रासाउंड किया जाता है, इससे बच्चे की सही विकास के बारे में जानकारी मिलती है. प्रेग्नेंसी के 11-13 हफ्ते में, क्रोमोजोमल एबनोर्मिलिटी (क्रोमोजोम में असमानता जैसे- डाउन सिंड्रोम) की जांच करने के लिए, अल्ट्रासाउंड किया जाता है. 35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के बच्चे में क्रोमोजोमल एबनोर्मिलिटी होने की सम्भावना ज़्यादा होती है.

ब्लड प्रेशर

प्रेग्नेंट महिला को नियमित ब्लड प्रेशर चेक करवाते रहना चाहिए. यदि किसी महिला को हाई ब्लड प्रेशर है, तो डिलीवरी के समय दिक्कत हो सकती है, इसलिए शुरूआत से पता होने पर डॉक्टर इसे कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं.

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Every Pregnant Woman Should Do These Tests

यूरिन टेस्ट

यूरिन के टेस्ट के ज़रिए प्रोटीन, एल्ब्यूमिन आदि की जांच की जाती है. यूरिन में प्रोटीन आना, प्रीक्लेम्पसिया का संकेत होता है. ये टेस्ट 35 से अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाओं के लिए ज़रूरी है.

सेक्स संबंधी बीमारियां

प्रेग्नेंसी की शुरुआत में ही यह टेस्ट करवा लेना चाहिए. जिससे यदि माता-पिता में से किसी को ये बीमारी है, तो यह बच्चे में न आ पाए, वरना ये जानलेवा हो सकती है.

एनीमिया

यह टेस्ट करवाना भी ज़रूरी है. एनीमिय से ग्रसित महिलाओं के शरीर में खून की कमी रहती है और नया खून नहीं बनता.  यह गंभीर बीमारी है, जिससे मां के गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी असर हो सकता है, इसलिए समय पर इसकी जांच करवा लेनी चाहिए.

शुगर

प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा यूरीन पास करने की जरूरत होती है. डॉक्टर भी यूरीन टेस्ट करते हैं जिससे पता लगता है कि शरीर में कितना इंसुलीन बन रहा है. प्रेग्नेंसी हॉर्मोंस इन्सुलिन बनाना बंद कर देते हैं, जिससे शुगर की सम्भावना बढ़ जाती है. ऐसे में यह टेस्ट सही समय पर करना बहुत ज़रूरी है.

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