इन 5 हॉरर फिल्मों को देखते ही हो सकती है आपके बच्चों की मौत !

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हॉरर फिल्मों

हॉरर फिल्मों- आजकल हर माता-पिता अपने बच्चे के भविष्य को बनाने के लिए खुद भी इतना काम करते हैं कि कभी कभी आश्चर्य होने लगता है. आजकल के माँ-बाप अपने बच्चों को बाकी बच्चों से अलग दिखाने के लिए उन्हें बॉलीवुड फिल्मों, सीरियल्स और हॉलीवुड फिल्मों में काम दिलाने के लिए न जाने कितना प्रयास करते हैं. उनका ये प्रयास सफल भी हो जाता है, लेकिन आजकल जिस तरह से बच्चों को टारगेट करके भूत वाली और हॉरर फ़िल्में बन रही हैं कहीं न कहीं उससे बच्चों के भविष्य पर इसका असर पड़ सकता है.

हॉरर फिल्मों

आमतौर पर जो डर बचपन में हमारे दिल में बैठ जाता है वो कभी नहीं दूर होता. बड़े होने के बाद भी हम उसी डर के साए में जीते हैं. इसलिए बच्चों को लोग डरावनी फ़िल्में तक नहीं दिखाते, लेकिन आजकल का ट्रेंड इतना बिगड़ गया है कि एक तो बच्चों से फिल्मों में काम करवाते हैं और दूसरे हॉरर फिल्म में उन्हें कम देकर वो उनका बचपन ही नहीं बल्कि आगे की लाइफ भी खराब कर देते हैं.

हॉरर फिल्मों की लिस्ट बहुत लम्बी है.

कुछ समय पहले भारत में छोटे बच्च्चों से टीवी सीरियल में काम करवाना जुर्म माना जा रहा था. तब अचानक से सारे सीरियल लीप में जाकर उन बच्चों को हटाकर बड़े लोगों को उस रोल के लिए कास्ट कर लिया था, लेकिन हॉलीवुड में आज भी बच्चों से ऐसी फ़िल्में कराई जा रही हैं. इससे जो बच्चे उन फिल्मों में काम कर रहे हैं उनका भी नुक्सान है और जो देखते हैं उनका भी.

हॉरर फिल्मों

फिल्मों की कमाई के लिए हॉलीवुड की निर्देशक ऐसा कर रहे हैं. सच्चाई के नाम पर कुछ भी परोसना गलत है. आइये हम आपको बताते हैं कि हॉलीवुड में अब तक कितनी हॉरर फ़िल्में बन चुकी हैं.

हॉरर फिल्मों की लिस्ट में इट,  कॉन्ज्युरिंग एंड कॉन्युरिंग-2, एनाबेल, इंसिडियस, द ओमेन अहम् हैं. ये फ़िल्में ऐसी हैं जिनमें बच्चों से एक्टिंग भी करा गई है. ऐसे फ़िल्में बच्चों के दिमाग पर क्या असर छोड़ती होंगी. भले ही पैसे के लिए ये फ़िल्में बनाई जाती है, लेकिन इसका बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ता है.

हॉरर फिल्मों

ये फ़िल्में ही सिर्फ नहीं हैं. हॉलीवुड में बच्चों को लेकर बहुत सी डरावनी फ़िल्में बनाई गई हैं. इन फिल्मों को आप भी सिनेमा हॉल में नहीं देख सकते. इतनी डरावनी होती हैं ये फ़िल्में. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो कुछ सालों के बाद हमारे बच्चे नार्मल नहीं रह जाएंगे. उनका दिमाग इन सब बातों में बहुत ज्यादा विश्वास करने लगेगा.

मॉडर्न होने के साथ हम सभी ये सोचते हैं कि अंध विश्वास न करें, लेकिन हॉलीवुड ने तो जैसे इन सब फिल्मों को बनाकर पूरी दुनिया में इसे ही मानने के लिए बाध्य कर रहा है. ये बहुत ही डरावने सपने जैसा है कि आज के कुछ सालों बाद भी बच्चे बुरी आत्मा जैसी आदि बातों पर भरोसा करेंगे, क्योंकि इसका सीधा सा कारण है आज की फ़िल्में.

हॉरर फिल्मों की गिनती करते हुए आप थक जाएंगे. हॉरर फिल्मों की संख्या बॉलीवुड में कम लेकिन हॉलीवुड में ज्यादा है.